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रुद्राक्ष की मालाएं इंसान को कई सारी बाधाएं और बीमारियों से महफूज रखती है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार इसे पहनने का तरीका भी कुछ अलग होता है और यदि गलती से नकली रुद्राक्ष पहन लिया जाए तो इसका काफी विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है।
यदि आप भी रुद्राक्ष की मालाएं पहनते हैं और आपको नही पता कि असली और नकली में क्या फर्क है तो आज का यह पोस्ट आपको असली और नकली रुद्राक्ष में फर्क बताएगा। तो आइये जानते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार इलेइओकार्पस गैनीट्रस प्रजाति को शुद्ध रुद्राक्ष माना जाता है और इलेइओकार्पस लेकुनोसस को नकली रुद्राक्ष माना गया है। कुछ लोग पैसे की लालच में बाजार में इस समय प्लास्टिक और फाइबर का रुद्राक्ष भी बेच रहे हैं जोकि असली नही है।
असली रुद्राक्ष की पहचान
1.असली रुद्राक्ष के केंद्र में प्राकृतिक रूप से छेद बने होते है जबकि नकली रुद्राक्ष में खुद से होल करके असली का आकार दिया जाता है।
2. जब भी असली रुद्राक्ष की पहचान करनी है तो उसे सरसो के तेल में जरूर डुबाएं। असली रुद्राक्ष सरसों के तेल में डुबोने से रंग नही छोड़ता जबकि नकली रुद्राक्ष तुरन्त रंग छोड़ना स्टार्ट कर देगा।
3. असली रुद्राक्ष पानी के अंदर डूब जाता है जबकि नकली रुद्राक्ष पानी मे तैरता रहता है।
4. असली रुद्राक्ष को किसी धारदार चीज से कुरेदने पर उसमे से रेशा निकलता है जबकि नकली में ऐसा नही होता। यदि आप भी रुद्राक्ष पहनते हैं तो जरूर इन बातों का ख्याल रखें।
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