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हम भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए एक ऐसे वनडे मैच का जिक्र करने जा रहे हैं,जिसमें अंपायर के गलत फैसलों की वजह से भारत के तत्काल कप्तान ने मैच खेलने से इनकार कर दिया था।
3 नवंबर 1978 में भारत और पाकिस्तान के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा व अंतिम मुकाबला खेला जा रहा था। इस मैच में अंपायरिंग की भूमिका में जावेद अख्तर और खिजर हयात थे, जो कि पाकिस्तान के रहने वाले थे।
मैच के अंत में भारत को 18 बॉल में जीत के लिए 23 रनों की जरूरत थी और 8 विकेट हाथ में थे।सरफराज ने अपने ओवर में लगातार 4 बॉल बाउंसर ऑवर में डाली,। लेकिन एंपायर ने किसी भी बॉल को बाउंस अथवा नो नहीं दिया।
इस मुकाबले में दोनों अंपायर पाकिस्तान के साथ मिले हुए थे। सरफराज द्वारा डाली गई चौथी बॉल तो इतनी ऊँची थी कि 6 फुट लंबे गायकवाड़ के सर से भी काफी ऊपर निकल गई। बेईमानी को देखते हुए तत्काल भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी से रहा नहीं गया और उन्होंने दोनों बल्लेबाजों को इशारा करके वापस बुला लिया।
इसके बाद एम्पायर्स ने कहा कि यदि भारत आगे नहीं खेलेगा तो पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन बिशन सिंह बेदी ने अपना फैसला नहीं बदला और आगे खेलने से साफ इंकार करते हुए पाकिस्तान को जीत दान में दे दी।
इस तरह पाकिस्तान ने यह सीरीज 2-1 से जीत ली। बिशन सिंह बेदी को हमेशा से बेहद निडर खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है। वह हर मामले में बेझिझक अपनी राय रखने में विश्वास करते थे । भारतीय टीम के कोच रह चुके बेदी ने खराब प्रदर्शन पर भारतीय टीम को नदी में डुबोने तक की धमकी दे डाली थी।
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