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इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 5 मैचों की सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली टीम के प्रदर्शन से दुखी ज़रुर हैं लेकिन निराश नहीं। ग़ौरतलब है कि इंडिया मंगलवार को ओवल में 5वां टेस्ट हारकर सीरीज़ 1-4 से हार गई हालंकि अंतिम सत्र में केएल राहुल और ऋषभ पंत ने खेल को दिलचस्प बना दिया था। दोनों ने ही शतक लगाए और जीत की उम्मीद जगा दी लेकिन आख़िरकार इंग्लैंड ने बाज़ी मार ही ली।
कोहली ने चौथे टेस्ट में हार के बाद कहा था कि हमें लक्ष्य के क़रीब पहुंचने के बाद ज़रुरी धक्का लगाना सीखना होगा। पांचवे टेस्ट में हार के बाद कोहली ने स्वीकार किया कि जब तक हमें खेल के महत्वपूर्ण पलों और पैदा किए गए दबाव को भुनाना नहीं आएगा, हम विदेश में टेस्ट सीरीज़ नहीं जीतेंगे। ऐसा नहीं है कि सीरीज़ हारने के बाद हम सोचें कि हम विदेशी कंडीशन्स में नहीं खेल सकते, हम ज़रुर खेल सकते हैं लेकिन क्या हम विरोधियों की अपेक्षा महत्वपूर्ण पलों को बेहतर तरीके भुना सकते हैं? फिलहाल तो नहीं, हम ऐसा नहीं कर पाए हैं।
मंगलवार को ओवल में 5वां टेस्ट और सीरीज़ 1-4 से हारने के बाद कोहली ने कहा कि सीरीज़ की शुरुआत अच्छी करके ही दबाव बनाया जा सकता है न कि हारने के बाद “वारम अप” होकर। इंडिया पहले टेस्ट में बहुत अच्छी स्थिति में थी लेकिन अंत में 31 रन से हार गई। "हमें सीरीज़ की अच्छी शुरुआत करने की ज़रुरत है, हम बीच सीरीज़ में वारम अप नहीं हो सकते क्योंकि पहला टेस्ट हमेशा महत्वपूर्ण होता है और हमें सुनिश्चित करना होगा कि चीज़ों को सही करने के लिए हम दिमाग़ी रुप से तैयार हैं।"
टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन इंडिया जब इंग्लैंड के दौरे पर आई थी तब कई क्रिकेट पंडितों का कहना था कि दशकों बाद इंडिया इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन करेगी। कोहली ने ख़ुद कहा था कि धोनी के नेतृत्व में 2011 और 2014 में इंग्लैंड का दौरा करने वाली टीम के मुक़ाबले ये टीम कहीं ज़्यादा बेहतर संतुलित है। 2011 में इंडिया 4-0 और 2014 में 3-1 से टेस्ट सीरीज़ हारी थी।
इस बार 0-2 से पिछड़ने के बाद इंडिया ने तीसरे टेस्ट में शानदार वापसी की थी और टीम के हर विभाग ने अच्छा प्रदर्शन किया था। कोहली ने कहा , "भविष्य में हम यही करना चाहेंगे क्योंकि हमारा लक्ष्य सीरीज़ जीतने का है न कि एक-दो मैच जीतकर खुश होने का। कोहली ने कहा कि हार के बावजूद वह निराश नहीं हैं क्योंकि पूरी सीरीज़ में टीम का रवैया सकारात्मक रहा। "सरीज़ के परिणाम से ज़ाहिर है कि हम ख़ुश नही हैं लेकिन जिस रवैये से हम खेले, उस पर किसी को कोई शक़ नही है। "
कोहली ने कहा कि जब तक राहुल और पंत क्रीज़ पर थे अंतिम सत्र में जीत की उम्मीद बन गई थी। वे दोनों भी जीत के बारे में ही सोच रहे थे जो हमारे बल्लेबाज़ों की हिम्मत और जिगरे को दर्शाता है।
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