Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिग पर अपना फैसला सुना दिया है जो धारा 377 में आता है. सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है कि यह अपराध नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को कई लोगों ने स्वागत किया तो हिंदू और मुस्लिम के धर्म गुरुओं ने इसका विरोध किया.
स्वामी नरेंद्र गिरी जो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष है.उन्होंने इस फैसले से आपत्ति जताते हुए कहा कि हम कोर्ट के सभी फैसलों का सम्मान करते हैं. लेकिन हम नहीं चाहते हैं कि समाज में गलत संदेश जाए यह पश्चिमी संस्कृति के रहन सहन के तरीके है. इस बारे में सरकार को फिर से सोच विचार करना चाहिए और फैसला देना चाहिए यह फैसला भारतीय संस्कृति में अस्वीकार्य है.
स्वामी चक्रपाणि महाराज अखिल भारतीय हिंदू समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष है. इन्होंने भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि यह किसी भी धर्म के अनुरूप नहीं है.उन्होंने सरकार और कोर्ट से निवेदन करते हुए कहा कि उनको इस फैसले के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए। इस फैसले से युवाओं पर गलत असर पड़ेगा. इससे देश की छवि का भी नुकसान होगा.
मौलाना कल्बे जव्वाद ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि यह यदि अपराध नहीं है तो शादियां करना भी अपराध नहीं है. हर कोई अपनी मर्जी से कुछ भी करता रहेगा.
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.