Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
त्वचा की ब्लीचिंग से महिलाओं का न केवल व्यक्तित्व निखरता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है। वास्तव में ब्लीच करने में सिर्फ केमिकल का रोल नहीं होता, यह एक कला भी है। इसके लिए सबसे पहले त्वचा के नेचर को जानना अति आवश्यक है। ब्यूटीशियन भी सबसे पहले त्वचा के नेचर को जान लेती हैं कि आख़िर स्किन कि चाइप की है। इसके बाद ही वह हर किसी पर अलग-अलग ब्लीच का प्रयोग करती हैं। जैसे नॉर्मल स्किन पर हर्बल ब्लीच का प्रयोग किए जाने से बढि़या परिणाम मिलता है, तो वहीं रूखी और बेरौनक त्वचा के लिए हर्बल ब्लीच के बदले आक्सी ब्लीच का प्रयोग करना ज़रूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कि आख़िर ब्लीच करते समय हमें किन-किन बातों का ख़्याल रखना चाहिए।
ब्लीचिंग से पहले त्वचा को क्लींजर से ज़रूर साफ करना चाहिए। इसके बाद ब्लीचिंग शुरू करने से पहले प्री-ब्लीच क्रीम से त्वचा पर मसाज करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि इस से त्वचा को सुरक्षा मिलती है। किसी भी ब्लीचिंग क्रीम के उपयोग से पहले उस के उपयोग करने के निर्देशों को अवश्य पढ़ें।
ध्यान रखें कि कभी भी गरम पानी से नहाने के तुरंत बाद भूलकर भी ब्लीचिंग न करें। अगर चेहरे पर मुंहासे हों तो ब्लीच कभी न कराएं, क्योंकि इससे वे और भी ज़्यादा फैल सकते हैं। ब्लीच मिक्चर को अच्छी तरह मिक्स करें और कोशिश करें कि मिक्स करने के बाद उसे बहुत देर तक न रखें, बल्कि उसे तुरंत ही लगा लें, क्योंकि इस्तेमाल में ज्यादा देर करने से ब्लीच में उपस्थित ऑक्सीजन पहले ही निकल जाता है।
ब्लीच को कभी भी कटे-फटे स्थान पर न लगाएं। मिक्चर बनाते समय कभी भी धातु की डिश या चम्मच का इस्तेमाल न करें। इससे केमिकल रिएक्शन का ख़तरा बन जाता है। ब्लीचिंग के बाद सनगार्ड क्रीम लगा कर ही सूरज की रोशनी में निकलना चाहिए। इसके अलावा ध्यान दें कि ब्लीच क्रीम को अपनी आंखों और उन के आसपास के हिस्सों पर न लगाएं। आंखों के चारों ओर दिखने वाले डार्क सर्कल्स को हलका करने के लिए कभी ब्लीच का सहारा न लें।
YOUR REACTION
  • 1
  • 0
  • 1
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.